महान भारतीय सनातन संस्कृति के आधार पर स्वयं को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने की भारत की यात्रा कभी भी इतनी महत्वपूर्ण नहीं रही है। नागरिकों के बीच 'स्व' की भावना को विकसित करने में संघ का निरंतर प्रयास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
“बिन पानी सब सून” कहावत हमारे जीवन में कहीं वास्तविकता न बन जाए…
ऐसा कहा जा रहा है कि आगे आने वाले समय में विश्व में पानी को लेकर युद्ध छिड़ने की स्थितियां निर्मित हो सकती हैं, क्योंकि जब भूगर्भ में पानी की उपलब्धता यदि इसी रफ्तार से लगातार कम होती चली जाएगी तो वर्तमान स्थानों (शहरों एवं गावों में) पर निवास कर रही जनसंख्या को अन्य स्थानों पर जाकर बसने को बाध्य होना पड़ेगा।
श्री दत्तोपंत जी ठेंगड़ी- “पाश्चात्य आर्थिक प्रणाली भारतीय परम्पराओं के मानकों पर खरी नहीं उतरती है।”
अतिथि लेखक: प्रहलाद सबनानी, सेवा निवृत्त उप महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक श्री दत्तोपंत जी ठेंगड़ी स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक थे| श्री दत्तोपंत जी ने आर्थिक क्षेत्र में साम्यवाद एवं पूंजीवाद के स्थान पर राष्ट्रीयता से ओतप्रोत एक तीसरे मॉडल का सुझाव दिया था। वे अपने उपदेशों में कहा... Continue Reading →
भारतीय संस्कृति में त्योहारों का आर्थिक मूल्यांकन सही रूप से अभी नहीं हुआ है…
प्रहलाद सबनानी सेवा निवृत्त उप महाप्रबंधक,भारतीय स्टेट बैंक एक आंकलन के अनुसार, दुनिया भर में सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योग एशिया पेसिफिक, उत्तरी अमेरिका, यूरोप एवं भारत में विकसित अवस्था में पाया गया है। इस उद्योग में विश्व की एक प्रतिशत आबादी को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। भारत में चूंकि इसके आर्थिक पहलू का मूल्यांकन नहीं... Continue Reading →
The improvement of India’s health services is boosting its economic growth rate!
India's healthcare infrastructure will grow at a very fast pace and will strengthen the economy along with creating jobs. Authored by Prahlad Sabnani, Retired Deputy General Manager, State Bank of India Healthy citizens in any country are considered a huge capital for that country. Keeping the citizens healthy has two direct benefits to the country's... Continue Reading →
भारत सरकार द्वारा लिए जा रहे आर्थिक निर्णयों के पीछे क्या कारण है?
अतिथि लेखक: प्रहलाद सबनानी सेवा निवृत्त उप महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक ई-मेल - psabnani@rediffmail.com 1 जुलाई 2022 से केंद्र सरकार ने भारत से निर्यात किए जा रहे पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल पर निर्यात कर बढ़ा दिया है। साथ ही, भारत में आयात किए जा रहे स्वर्ण पर आयात कर में भी भारी इजाफा कर दिया... Continue Reading →
How India has made a big leap in the World Competitiveness Index?
India has made the longest jump among all the countries of Asia, from 43rd place last year to 37th position this year. Guest Author: Shri Prahlad Sabnani, Retd. Deputy General Manager, State Bank of India, India More recently, on 15 June 2022, the World Competitiveness Index was released by the Switzerland-based Institute for Management Development.... Continue Reading →
अग्निपथ योजना एक मौका है उन युवाओं के लिए, जो देश की सेवा का जज़्बा रखते हैं …
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सीएपीएफ और असम राइफल्स में अग्निवीरों के लिए भर्ती के लिए 10% रिक्तियों को आरक्षित करने का फैसला किया है|आगे आने वाले 10 वर्षों में भारतीय सेना के पास लगभग 30 प्रतिशत का कुशल स्त्रोत उपलब्ध रहेगा जो सेना से प्रशिक्षित होगा। निश्चित ही उस समय पर यह कुशल स्त्रोत कोई और व्यवसाय कर रहा होगा परंतु इतना बड़ा कुशल स्त्रोत, जो सेना से प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ होगा, समाज और देश की सेवा के लिए एक बेशकीमती हीरे के रूप में सदैव ही उपलब्ध रहेगा।
राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम की स्थापना का निर्णय, मील का पत्थर साबित होगा…
केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, रेल्वे विभाग, सुरक्षा विभाग एवं दूरसंचार विभाग, आदि एवं केंद्र सरकार से जुड़े अन्य विभिन्न संस्थानों में उपयोग में नहीं आ रही ऐसी भूमि बहुत भारी मात्रा में उपलब्ध हैं जिनके स्वामित्व सम्बंधी कागजात इन संस्थानों/विभागों के पास उपलब्ध ही नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष एवं विश्व बैंक ने गरीबी में आई कमी के लिए भारत को सराहा …
अब जब देश में अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से खुल चुकी है तो अब गरीब वर्ग के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मनरेगा योजना भी ग्रामीण इलाकों में वृहद स्तर पर चलायी जा रही है एवं इससे भी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। निर्माण एवं पर्यटन क्षेत्र भी अब खोल दिए गए हैं जिससे इन क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर वापिस निर्मित होने लगे हैं। भारत में तो धार्मिक पर्यटन भी बहुत बढ़े स्तर पर होता है एवं धार्मिक स्थलों को खोलने से भी रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

[…] The practice of animal sacrifice in Indian culture exists in certain places as a specific pledge fulfilled to specific…
[…] He employs a precision care-centric approach in his practice, emphasizing proactive and preventive treatment measures. Read another article “Diabetes…
[…] So emotion must learn, slowly and at great cost, what the wall has always known without knowing anything: that…
[…] Also read, “Interpolation in Computer Vision is the mathematical process of estimating and filling in missing pixel values whenever an…
Thank you for your comments David, I just read it :) I hope everything is going well with you and…